आईसीसीआर छात्रवृत्ति

भारत को समूचे विश्व के अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने वाले शिक्षा केंद्र के रूप में जाना जाता है। भारतीय विविधता और जीवंत इतिहास छात्रों के लिए विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करता है। इस प्रकार के समृद्ध और विविधता के साथ-साथ तकनीकी क्रांति की दिशा में तेजी से बढ़ते देश के साथ, भारत में अध्ययन करने के लिए बहुत कुछ है, चाहे आवेदक की रुचि इंजीनियरिंग, कंप्यूटर, दर्शन, राजनीति या क्लासिक्स आदि में हो।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद को भारत सरकार के छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के संचालन का जनादेश है जिसमे प्रतिवर्ष लगभग 140 देशों के विदेशी छात्रों को 26 विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 3940 छात्रवृत्ति पुरस्कार प्रदान की जाती है। इन 26 योजनाओं में से छह का वित्त-पोषण आईसीसीआर अपने स्वयं के अनुदान से करता है और अन्य को विदेश मंत्रालय और आयुष मंत्रालय की ओर से प्रशासित किया जाता है। अध्ययन के लिए प्रस्तावित पाठ्यक्रम स्नातक-पूर्व , स्नातकोत्तर और एम फिल / पीएचडी स्तर के हैं। प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में आईसीसीआर में लगभग 6000 + विदेशी छात्र पंजीकृत होते हैं जो विभिन्न केंद्रीय / राज्य विश्वविद्यालय, संस्थानों, एन आई टी और कृषि संस्थानों आदि में अध्ययन कर रहे हैं।

आईसीसीआर ने "डिजिटल इंडिया" की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए छात्रवृत्ति को कारगर बनाने के लिए "पूर्व छात्रों के लिए प्रवेश (A2A पोर्टल)" बनाया है । इस पोर्टल को माननीय श्रीमती सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री ने जनवरी 17,2018 ने प्रारम्भ किया था । शैक्षणिक वर्ष 2018-19 से पोर्टल की शुरुआत के साथ से ही, आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम इच्छुक विदेशी छात्रों के लिए डिजिटल हो गए है और छात्रों को सुगम और पारदर्शी विकल्प भी प्रस्तावित किए जाते हैं। इस पोर्टल में आईसीसीआर द्वारा प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं और अन्य जानकारी जैसेकि भारतीय विश्वविद्यालयों के नाम, उनके द्वारा प्रस्तावित ठ्यक्रम और छात्रवृत्ति योजनाओं के दिशानिर्देश आदि के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी है।

शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए लगभग 2150 नए विदेशी छात्रों की पुष्टि की गई है।